दुनिया के तमाम खूबसूरत रिश्तों में से एक रिश्ता दोस्ती का है। दोस्त स्ट्रीटलाइट की तरह होते हैं, वे हमारे जीवन की राह में रोशनी भर देते हैं। इससे हमारा सफर सहज हो जाता है। एक सही और अच्छा दोस्त हमारी जिंदगी बदलने में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाता है। जरूरी नहीं कि आपके दोस्त अपने सामाजिक दायरे से ही हों। कई बार भगवान उन्हें अलग-अलग रूपों में भेजता है। पशु-पक्षी भी आपके दोस्त हो सकते हैं या कई बार अचानक ऎसे व्यक्ति मिल जाते हैं जो खुद भी एक ईमानदार दोस्त की तलाश में होते हैं।
ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ नॉघिंटन के शोध के अनुसार वे लोग ज्यादा खुश रहते हैं, जिनके पास पुराने दोस्तों की संख्या ज्यादा होती है। शोध में यह भी पाया गया कि जिन लोगों के दस या ज्यादा दोस्त हैं, वे पांच या कम दोस्त वाले लोगों की तुलना में ज्यादाखुश होते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार पुराने ओर करीबी दोस्तों का होना व्यक्तिगत खुशी से जुडा होता है। जिंदगी में खुश रहने के लिए सिर्फ रूपयों का ढेर, बडे महल, महंगी गाडियां, ऊंचा पद ही खुश रहने के लिए काफी नहीं है। ये सब चिजें कुछ पल का सुख देती हैं। लेकिन दोस्त हमेशा हमारी खुशी को बनाए रखने का काम करता है। दोस्त हमें जीवन में कुछ अच्छा देते हैं। जीवन की बैटरी को चार्ज करने के लिए दोस्ती की जरूरत होती है।
प्यार की भाषा
दुनिया में हर इंसान प्रेम की भाषा समझता है। लेकिन प्रेम की कोई सटिक परिभाषा नहीं है। कई पत्नियां अपने पति का कहना मान लेनेभर को प्रेम समझती है। लेकिन प्यार का मतलब तो दो लोगों को आपस में गहराई से जोडना है। आपसी जुडाव और एक दूसरे को समझने के लिए एक दूसरे को समय देना बहुत जरूरी है। प्रेम की भाषा बोलने से दांपत्य जीवन में मधुरता और प्रगाढता बनी रहती है।1. प्रेम देने और पाने के प्रेमपगी भावनाएं होना बहुत जरूरी है। प्रेम की भावनाओं को शब्दों के माध्यम से व्यक्त किया जा सकता है। हमारे द्वारा बोला हुआ एक गलत शब्द किसी को भी तीर की तरह चुभ सकता है। लेकिन यदि हम बोलते समय सामने वाले की भावनाओं का ध्यान रखें और प्रेम से बोलें तो उस व्यक्ति से हमारे संबंध अच्छे रहेंगे और प्रगाढता आएगी। जरूरी नहीं कि तारीफ के लिए लंबे-चौडे वाक्यों या खूबसूरत शब्दों का उपयोग करें। आप अपने साथी की तारीफ सीधे-साधे शब्दों में भी की जा सकती है। ज्यादातर कपल्स तारीफ करने के लिए किसी खास मौके की तलाश में रहते हैं। लेकिन खास मौके के चक्कर में वे यह अवसर गंवा देते हैं।
